मध्य प्रदेश का कटनी जिला ऐतिहासिक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों से समृद्ध है। कटनी जिले के पास में बिलहरी (Bilhari) कस्बा है, जो अपने प्राचीन मंदिरों और पुरातात्विक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। बिलहरी कस्बे में ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर विष्णु वराह मंदिर बना हुआ है, जो प्राचीन है और बहुत सुंदर है। यह मंदिर मुख्य बिलहरी टाउन में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से जा सकते हैं।
इस लेख में हम कटनी के बिलहरी कस्बे के विष्णु वराह मंदिर के बारे में जानेंगे

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Toggleविष्णु वराह मंदिर का संक्षिप्त परिचय
विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) कटनी जिले के बिलहरी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह को समर्पित है, जिन्होंने पृथ्वी को राक्षस हिरण्याक्ष से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। मंदिर की मूर्तिकला, शिल्प और स्थापत्य शैली इसे मध्य भारत के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मंदिरों में शामिल करती है।
जानें : कटनी में घूमने की जगह
कटनी के बिलहरी विष्णु वराह मंदिर की यात्रा (Trip to Vishnu Varaha Temple in Bilhari)
कटनी जिला मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों में से एक है। कटनी जिले में ढेर सारे पुरातात्विक स्थान और प्राचीन मंदिर है, जो देखने लायक लायक है। कटनी शहर के पास में बिलहरी टाउन (Bilhari Town) है, जहां पर ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जिन्हें आपको जरुर देखना चाहिए। बिलहरी टाउन कटनी शहर से 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है।
बिलहरी टाउन (Bilhari Town) जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां पर आप अपने निजी परिवहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस वगैरा चलती रहती है, जिससे आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। इस टाउन के आस-पास और मुख्य टाउन में ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं, जिनमें से एक फेमस मंदिर है – विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple)। यह मंदिर अभी भी अच्छी हालत में है और आप इस मंदिर में जाकर घूम सकते हैं।
बिलहरी टाउन (Bilhari Town) में बना विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) बहुत ही सुंदर है। बिलहरी का विष्णु वराह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय मंदिर स्थापत्य, वैष्णव परंपरा और प्राचीन इतिहास का अद्भुत उदाहरण भी है। यह मंदिर भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है और क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है।
विष्णु वराह मंदिर मुख्य टाउन में बना हुआ है। इस मंदिर में आप पहुंच कर मंदिर को बाहर से देख सकते हैं। अधिकतर समय यह मंदिर बंद रहता है, मगर मंदिर को बाहर से देखा जा सकता है। यह मंदिर किसी खास अवसर पर खोला जाता है और आप मंदिर के अंदर जाकर दर्शन कर सकते हैं। फिलहाल आप मंदिर को बाहर से ही देख सकते हैं। मंदिर के बाहर ढेर सारी कलाकृतियां बिखरी हुई पड़ी हुई हैं।
मंदिर का कंपाउंड तार से घिरा हुआ है और मंदिर के अंदर कलाकृतियां यहां बिखरी पड़ी हुई है। यह मंदिर दो मंजिला है। मंदिर के ऊपरी मुस्लिम गुंबद बना हुआ है, जो मंदिर को एक अलग ही लुक देता है। वैसे मुस्लिम गुंबद बने होने के कारण मंदिर को 16वीं या 17वीं शताब्दी का माना जाता है।
जब यहां पर मुस्लिम शासको का राज हुआ करता था, मगर मंदिर के परिसर में प्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त हुई हैं, जो 10वीं और 11वीं शताब्दी की है, जिनको देखकर इस मंदिर को दसवीं और 11वीं शताब्दी का माना जाता है।
मंदिर के परिसर में आपको भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर और भी ढेर सारी सुंदर कलाकृतियां देखी जा सकती हैं, जो पत्थर पर बनी हुई है और बहुत सुंदर लगते हैं। मंदिर के सामने एक मंडप बना हुआ है, जिसमें खूबसूरत पत्थर से बने हुए खंबे हैं। इन खम्बे पर नक्काशी की गई है, इन खम्बे पर बारीक नक्काशी है, जो बहुत ही सुंदर लगती है।
इस मंडप में भगवान विष्णु के वराह प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। प्रतिमा का अधिकतर भाग खंडित हो गया है, सिर्फ ऊपरी भाग रह गया है, जो इस मंडप में रखी गई है। वह आप देख सकते हैं।
विष्णु वराह मंदिर का जो मुख्य प्रवेश द्वार है। उसमें सुंदर नक्काशी की गई है। इसमें बारीक नक्काशी देखी जा सकती है और इसमें ढेर सारी देवी देवताओं की प्रतिमाएं, बेल बूटी और भी ढेर सारी प्रतिमाएं बनी हुई है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा देखी जा सकती है। यह प्रतिमा काले से बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती है। यह मंदिर खास मौके पर खोला जाता है। तब आप इस प्रतिमा को देख सकते हैं।
फिलहाल वैसे आप इस जगह घूमने जा रहे हैं, तो आप इस मंदिर को जरूर देखें। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इसके अलावा भी बिलहरी में ढेर सारी मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं।
वराह अवतार का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतार माने जाते हैं, जिनमें वराह अवतार का विशेष स्थान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, राक्षस हिरण्याक्ष पृथ्वी को समुद्र में डुबो देता है। तब भगवान विष्णु वराह (सूअर) रूप धारण कर समुद्र में प्रवेश करते हैं और पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर पुनः सुरक्षित स्थान पर स्थापित करते हैं।यह अवतार धर्म की रक्षा, सृष्टि की स्थिरता और अधर्म के विनाश का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण वराह रूप की पूजा विशेष रूप से शक्ति, संरक्षण और सृजन के प्रतीक के रूप में की जाती है।
विष्णु वराह मंदिर, बिलहरी का इतिहास
विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार यह मंदिर कलचुरी काल (9वीं–11वीं शताब्दी) के आसपास निर्मित माना जाता है। उस समय बिलहरी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र था। कलचुरी शासक वैष्णव धर्म के संरक्षक थे और उन्होंने अनेक विष्णु मंदिरों का निर्माण कराया। मंदिर की स्थापत्य शैली और मूर्तियों में कलचुरी कला की स्पष्ट झलक मिलती है, जो इसे ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
बिलहरी का ऐतिहासिक महत्व
बिलहरी (Bilhari Town) केवल विष्णु वराह मंदिर के कारण ही नहीं, बल्कि अपने समग्र ऐतिहासिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है।
- प्राचीन काल में बिलहरी एक समृद्ध नगर और सांस्कृतिक केंद्र था।
- यहां कई अन्य मंदिरों और अवशेषों के प्रमाण मिलते हैं, जो इसके गौरवशाली अतीत को दर्शाते हैं।
- बिलहरी का उल्लेख प्राचीन अभिलेखों और स्थानीय लोककथाओं में भी मिलता है।
पर्यटन की दृष्टि से महत्व
पर्यटन की दृष्टि से भी विष्णु वराह मंदिर का विशेष स्थान है।
- इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले पर्यटक यहां आना पसंद करते हैं।
- यह मंदिर कटनी जिले के अन्य दर्शनीय स्थलों के साथ एक महत्वपूर्ण पर्यटन बिंदु बन सकता है।
- शांत वातावरण और ऐतिहासिक माहौल इसे अध्यात्मिक पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
विष्णु वराह मंदिर के आस-पास घूमने के स्थान
- श्री तारन तरन दिगम्बर जैन मंदिर
- कामकंदला किला बिलहरी
- मुहास हनुमान मंदिर
- रुपनाथ मंदिर
- विजयराघवगढ़ का किला
विष्णु वराह मंदिर कैसे पहुंचें (How to Reach Vishnu Varaha Temple)
सड़क मार्ग : कटनी शहर से बिलहरी (Bilhari Town) सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां पर बस और निजी वाहन से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छा सड़क मार्ग बना हुआ है।
रेल मार्ग : कटनी जंक्शन एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जहां से बिलहरी (Bilhari Town) के लिए टैक्सी या बस ली जा सकती है।
वायु मार्ग : बिलहरी टाउन (Bilhari Town) का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर है, जो कटनी से लगभग 100 किमी दूर स्थित है। अगर आप वायुमार्ग से यहां आने का प्लान कर रहे हैं, तो आप जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा बिलहरी (Bilhari Town) जा सकते हैं।
विष्णु वराह मंदिर की गूगल मैप लोकेशन
विष्णु वराह मंदिर यात्रा का उपयुक्त समय (Best Time to Visit Vishnu Varaha Temple)
अक्टूबर से मार्च का समय मंदिर दर्शन और पर्यटन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। अक्टूबर से मार्च का समय ठंड का रहता है। इस समय मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। आप आराम से इस क्षेत्र की यात्रा कर सकते हैं। गर्मियों में तापमान अधिक होने के कारण सुबह या शाम के समय दर्शन करना उचित रहता है।
निष्कर्ष
विष्णु वराह मंदिर, बिलहरी (Bilhari Town) इतिहास, धर्म, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम है। भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि मध्य प्रदेश की प्राचीन विरासत का सजीव प्रमाण भी है। जो भी व्यक्ति कटनी जिले के इतिहास और धार्मिक स्थलों में रुचि रखता है, उसके लिए विष्णु वराह मंदिर एक अवश्य देखने योग्य स्थान है।
